आपका ध्यान ऐसी महिला शासक की तरफ ले जाना चाहते है,जिन्होने लगभग 30 साल देश के बडे भू-भाग पर राज किया


जिनको राज्य की प्रजा ने उनके जीवन काल में ही भगवान , देवी का रूप मान लिया था तथा उनको प्रजा ने माता का स्थान भी दिया ।प्रजा उनको देवी लोकमाता,पुण्यश्लोका,इत्यादि नामों से सम्बोधित किया गया और आज भी उनको इन्हीं नामों से सम्बोधित किया जाता है ।
ऐसी महान शासिका भारत *देश की महान महारानी लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर जी* की ओर ले जाना चाहते है :
*जन्म-31 मई 1725*
*मृत्यु-13 अगस्त 1795*
लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर जी के जीवन के कुछ प्रमुख अंश:
1-  भारत वर्ष में 28 वर्ष तक रानी बनकर सेवा करने वाली अभी तक पहली और आखिरी महिला थी।
2-महिलाओं की सती प्रथा रोकने के लिए भारत में शुरुआती पहल।
3-महिलाओं की शिक्षा के लिए आवाज उठाना।
4-12000 से ज्यादा धर्मशाला,घाट,मंदिर बनवाना जो अपने आप में आज भी एक रिकॉर्ड है।
5- महेश्वर(राजधानी) मध्यप्रदेश को 17 वी सदी एक कपड़ा उद्योग के रूप में संगठित करना, जो आज भी जारी है।
6-भारतवर्ष के सभी बड़े मंदिर भगवान बद्रीनाथ ,काशी विश्वनाथ से लेकर रामेश्वरम तक मुग़ल काल के बाद उनका पुनर्निर्माण करवाना।
7 -साहित्य को  अपने शासन  मे स्थान दिया ,मोरोपंत,अनंतफ़ंडी, खुलासीराम उनके शासन काल मे ही हुए है।
8-प्रतिदिन जनता दरबार लगवानेवाली प्रथम महारानी।
9-अपने इकलौते पुत्र को न्याय प्रणाली से बिना समझौते किये मृत्यु दंड  की सज़ा सुनाने वाली महारानी।
10-पहली महारानी जिसको प्रजा ने भगवान स्वरूप देवी ओर माँ की उपाधि दी।
11-अंग्रेजो को संसद भवन बनवाने के लिए यह जमीन होल्कर वंश द्वारा ही दी गयी,आज संसद भवन में भी लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर  की मूर्ति लगी हुई है।



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