PFI के दो सदस्यों को भेजा गया जेल, लेफ्ट ने लगाया विरोधियों को प्रताड़ित करने का आरोप

आरोपियों के परिजन लगातार मीडिया में दावा कर रहे हैं कि उनका छोटा बेटा, सिर्फ 2019 में वाराणसी के बेनियाबाग में हुए NRC के प्रोटेस्ट में शामिल था. जिसके बाद से लगातार पुलिस टीम उससे पूछताछ के लिए आती रहती है. वहीं गुरुवार को उनके बड़े बेटे वसीम और शाहिद को पुलिस ले गई. परिजनों ने बताया कि उन्हें नहीं पता कि किस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.

वाराणसी से गिरफ्तार PFI के दो सदस्यों को न्यायालय ने 4 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजा.

वाराणसी से गुरुवार को गिरफ्तार किए गए हैं PFI के दो सदस्य
आरोपियों को 4 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजा जेल
भापका ने कहा- विरोध करने वालों को प्रताड़ित कर रही सरकार

वाराणसी: वाराणसी में पीएफआई के दो सदस्यों को एटीएस ने कोर्ट में पेश किया. जहां कोर्ट ने आरोपियों को 4 दिन के न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है. वाराणसी के आदमपुर थाना क्षेत्र से बीते बृहस्परिवार को एटीएस ने हिरासत में लिया था. इन सदस्यों से पूछताछ करने के बाद कोर्ट में पेश किया गया. पकड़े गए इन सदस्यों का नाम वसीम और शाहिद है. दोनों आरोपी सगे भाई हैं. मूल रूप से आदमपुर थाना क्षेत्र के अनारबाग के रहने वाले शाहिद और वसीम ताने बाने (बुनकर) का काम करते है.

आरोपियों के परिजनों की माने तो दोनों भाईयो में बड़ा भाई बेगुनाह है. जबकि छोटा भाई शाहिद NRC जैसे प्रोटेस्ट में शामिल हो चुका है और पहले भी हिरासत में लिया जा चुका है. गिरफ्तार आरोपियों के पिता ने बताया की ATS की टीम ने इन दोनों से पूछताछ के बाद, बड़े भाई वसीम को बेगुनाह पाते हुए छोड़ने की बात कही थी. बता दें कि गुरुवार को देश के विभिन्न राज्यों में NIA और ATS ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए देशभर में PFI के सदस्यों के यहां छापेमारी की थी. इस दौरान वाराणसी में छापेमारी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. वाराणसी में PFI के सदस्य को हिरासत में लिए जाने की खबर पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है. आरोपी के घर के बाहर लोगों का जमावड़ा लगा हुआ है

आरोपियों को भाकपा का समर्थन
पूरे मामले को लेकर आरोपियों के परिजन लगातार मीडिया में दावा कर रहे हैं कि उनका छोटा बेटा, सिर्फ 2019 में वाराणसी के बेनियाबाग में हुए NRC के प्रोटेस्ट में शामिल था. जिसके बाद से लगातार पुलिस टीम उससे पूछताछ के लिए आती रहती है. वहीं गुरुवार को उनके बड़े बेटे वसीम और शाहिद को पुलिस ले गई. परिजनों ने बताया कि उन्हें नहीं पता कि किस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. जब उनसे PFI के बारे में पूछा गया तो उनका कहना है कि उनका बेटा ऐसे किसी भी संगठन से नहीं जुड़ा हुआ है. वह बुनकरी कर अपनी आजीविका चलाते हैं. वह कभी किसी भी राजनीतिक या अन्य संगठन के मीटिंग में नही जाते हैं.

पूरे मामले को लेकर परिजनों से भाकपा (भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी) के सदस्य भी लगातार मिलने के लिए पहुंच रहे हैं. भाकपा के नेता इस मामले को मुस्लिम विरोधी बता रहे हैं. उन्होंने सरकार के इशारे पर जांच एजेंसियों के द्वारा उन लोगों को प्रताड़ित किए जाने का दावा किया जो लोग सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं.

आरोपियों पर ये धाराएं लगी
बहरहाल, पकड़े गए आरोपियों के परिजन कुछ भी दावा रहे हों लेकिन आरोपियों को ATS ने अपनी गिरफ्त में ले रखा है. पकड़े गए पीएफआई के सदस्यों को ATS की टीम न्यायिक हिरासत में रखेगी. ATS उनकी अन्य जानकारी को इकट्ठा करने में जुटी हुई है. पकड़े गए दोनों आरोपियों पर 121 (ए) भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ना मृत्युदंड का अपराध,153 ए साइबर अपराध, 295 ए धार्मिक विश्वासों का अपमान करना, 109 दुष्प्रेरण,120 बी अपराधिक साजिश,13 (1) एबीअन लॉ फूल एक्टिविटी का आरोप लगाया गया है. साथ मे दो सेट दस्तावेजी किताब, 6 सील एलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी पेश किए गए हैं.