Thursday, September 29, 2022
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बनारस से असम तक क्रूज से होगा सफर, गंगा-ब्रह्मपुत्र की लहरों पर तय होगा 4,000 किलोमीटर का रास्‍ता, कब से होगा शुरू?

गतिशक्ति योजना के तहत मोदी सरकार देश में ऐसे जलमार्ग विकसित करने पर जोर दे रही है, जो सामान की ढुलाई के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने में भी काम आ सकें. इस कड़ी में जल्‍द बनारस से असम तक क्रूज का सफर शुरू किया जाएगा, जो पर्यटकों को गंगा और ब्रह्मपुत्र नदियों पर 4 हजार किलोमीटर का सफर कराएगा.

गतिशिक्‍त मिशन के तहत सरकार देश में कई जलमार्ग विकसित कर रही है.
इसका इस्‍तेमाल के टूरिज्‍म, व्‍यापार और कार्गो ट्रांसपोर्ट में होगा.
असम के बोगीबील और गुइझन में तैरते हुए घाट बनाए जाएंगे.
असम में ब्रह्मपुत्र नदी पर नेशनल वाटरवेज 2 तैयार किया जाएगा.

नई दिल्‍ली. सरकार जल्‍द बनारस से असम तक क्रूज शुरू करने वाली है. यह देश का सबसे लंबा वाटरवेज होगा, जो 4,000 किलोमीटर से ज्‍यादा का सफर तय करेगा. केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि प्रोजेक्‍ट पर तेजी से काम चल रहा है और अगले साल फरवरी तक काम पूरा कर लिया जाएगा.

पोर्ट एवं जलमार्ग मंत्रालय ने बताया कि गंगा और ब्रह्मपुत्र नदियों के साथ भारत-बांग्‍लादेश प्रोटोकॉल रूट से जाने वाला मार्ग देश का सबसे लंबा जलमार्ग होगा. क्रूज उत्‍तर प्रदेश के वाराणसी से असम के बोगीबील तक जाएगा. इसका इस्‍तेमाल के टूरिज्‍म, व्‍यापार और कार्गो ट्रांसपोर्ट को आसान बनाने में किया जा सकेगा. असम के डिब्रूगढ़ जिले स्थित बोगीबील ब्रिज के आसपास कई प्रोजेक्‍ट लांच किए जा रहे हैं.

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि बोगीबील और गुइझन पर तैरते हुए घाट बनाए जाएंगे, जिसका शिलान्‍यास भी किया जा चुका है. क्रूज के यात्रियों के लिए बोगीबील रिवरफ्रंट पैसेंजर घाट भी बनेंगे, जिसका निर्माण नॉर्थईस्‍ट फ्रंटियर रेलवे करेगा और यह बोगीबील ब्रिज के पास ही बनाया जाएगा. सोनोवाल ने कहा, प्रधानमंत्री के विजन को साकार करने के लिए देश में कई जलमार्ग विकसित किए जा रहे हैं, जिससे माल ढुलाई का खर्च घटाने में मदद मिलेगी. यह प्रोजेक्‍ट गतिशक्ति नेशनल मास्‍टर प्‍लान के तहत ही बनाए जा रहे हैं

पूर्वोत्‍तर को बनाएंगे देश का ग्रोथ इंजन
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, गति शक्ति प्‍लान का असल मकसद जलमार्ग यातायात को विकसित करना है और असम में ब्रह्मपुत्र नदी पर नेशनल वाटरवेज 2 तैयार किया जाएगा. इससे जलमार्ग यातायात की क्षमता बढ़ेगी और पूर्वोत्‍तर तक सफर आसान हो जाएगा. यह प्रोजेक्‍ट आर्थिक अवसर भी बनाएगा, जो पूर्वोत्‍तर भारत को देश के विकास का इंजन बनाने में मददगार साबित होगा. सरकार ऐसे जलमार्गों के विकास पर जोर दे रही है जो रिवर क्रूज टूरिज्‍म के साथ माल ढुलाई में मददगार हो सकें.

8.25 करोड़ में बनेंगे घाट
केंद्रीय मंत्री ने कहा, असम के डिब्रूगढ़ जिले में बोगीबील के पास और तिनसुकिया जिले में गुइझन के पास दो तैरते हुए घाट बनाए जा रहे हैं. इसमें एडवांस तकनीक का इस्‍तेमाल किया जा रहा है, जिस पर 8.25 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. प्रोजेक्‍ट फरवरी, 2023 तक पूरा कर लिया जाएगा. इसके अलावा ओपन प्‍लेटफॉर्म, रेस्‍तरां, आठ बायो टॉयलेट और 6 टिन शेड बनाए जाएंगे. यह सभी निर्माण बोगीबील ब्रिज के आसपास किए जाएंगे.

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