Monday, January 17, 2022
spot_img

हिंदी के वे नायक जो आज किसी की स्मृति में नहीं हैं!


आज ‘हिंदी दिवस’ है. कुछ बातें इस अवसर पर आपके सामने लाना ज़रूरी लग रहा है, ताकि इतिहास के ग़ायब किये गये पन्नों से आप अवगत रहें. उन नायकों से आप परिचित हों, जिन्होंने कभी इतिहास में अमर होने के लिए यहाँ-वहाँ अपना नाम नहीं दर्ज़ करवाया. अपने नाम के शिलालेख नहीं लगवाए. लोगों को याद हो कि न याद हो कि जिस हिंदी के लिए भारत के संविधान में अनुच्छेद 343 से 351 तक प्रावधान किये गये हैं, जिस हिंदी को प्रोत्साहित करने के लिए हर वर्ष अनेक तरह के पुरस्कार दिये जाते हैं!

उस हिंदी को दरभंगा के महाराजा लक्ष्मीश्वर सिंह (जन्मः 25 सितंबर, 1858, निधनः 16 दिसंबर, 1898) ने 14 जुलाई, 1880 को आदेश निकाला कि अब से रियासत दरभंगा में राजकाज की भाषा हिंदी होगी और महज तीन की महीने की अवधि में इसको लागू करके दिखा दिया. वह भी तब, जब उनके कर्मचारी अँगरेज़ी, उर्दू और कैथी में कार्य करने के आदी थे. स्थानीय स्तर पर जनता मैथिली बोलती-समझती थी और इसी भाषा में काम-काज करती थी. 14 जुलाई, 1880 को उन्होंने आदेश निकाला कि तमाम कर्मचारियों को मैं जुलाई से नवंबर तक तीन महीने का समय देता हूँ कि वे हिंदी सीख लें. दिसंबर 1880 से रियासत का सारा काम-काज हिंदी में होगा.

जो लोग इस अवधि में हिंदी नहीं सीखेंगे, उन्हें विवश होकर मुझे नौकरी से निकालना पड़ेगा. …और यह काम हो गया. 01 दिसंबर, 1880 से 6,200 किलोमीटर के दायरे में फैली दरभंगा रियासत में उन्होंने हिंदी को लागू करके दिखा दिया. इस रियासत के क्षेत्रफल का अंदाज़ा इस चीज़ से लगाया जा सकता है कि तत्कालीन बंगाल के 18 सर्किल के 4,495 गांव दरभंगा नरेश के शासन में थे. राज के शासन-प्रशासन को देखने के लिए लगभग 7,500 अधिकारी बहाल थे. इतनी बड़ी रियासत में हिंदी को लागू करने का ख़ामियाजा लक्ष्मीश्वर सिंह को भुगतना पड़ा.

मैथिली भाषियों ने उन्हें मैथिली विरोधी की तरह देखा, उनके इस कदम को गलत ठहराया. जबकि हिंदी हितैषियों ने भी उन्हें शायद ही कभी याद किया. आज हिंदी-हिंदी करने वाले लोगों की ज़ुबान पर बड़ी-बड़ी बातें तो होंगी, लेकिन रियासत दरभंगा के महाराजा लक्ष्मीश्वर सिंह नहीं होंगे…बकौल हफ़ीज होशियारपुरी ”मोहब्बत करने वाले कम न होंगे/ तिरी महफिल में लेकिन हम न होंगे.” हिंदी की महफिल में होने वाली चर्चाओं में आज लक्ष्मीश्वर सिंह नहीं होंगे..बाकी सब होंगे.

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
3,117FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles