Monday, January 17, 2022
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जिस दिन,सूरज उगेगा……पढ़िए गोलोक बिहारी राय की एक खूबसूरत कविता

गोलोक बिहारी राय

जिस दिन,सूरज उगेगा
उस दिन,अच्छा महसूस होगा

जिस दिन,अतिरिक्त खिली
हुई कली से टपकी ओस की
बूंद तितली का परिधान बनेगी
उस दिन,अच्छा महसूस होगा

जिस दिन,चाँद मेरा लिखा
मौन बांचेगा
उस दिन, अच्छा महसूस होगा

जिस दिन,महुआ चुएगा
उस दिन,लिखूंगा

पर,ये क्या?
महुआ तो मेरे बाग़ में है ही नहीं

( इसे ही कहते हैं भाग्य )

(लेखक राष्ट्रिय सुरक्षा जागरण मंच के राष्ट्रिय संगठन महामंत्री है )

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