Monday, January 17, 2022
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यंग, सिनिअर, वूमेन साइंटिस्ट अवार्ड और बेस्ट पेपर अवार्ड से सम्मानित हुए प्रतिभाशाली वैज्ञानिक

भूमि पोषण पर राष्ट्रीय सेमिनार का समापन

चित्रकूट,09 जनवरी 2022। नाबार्ड, राष्ट्रीय सुरक्षा जागरूकता मंच, कलश सोसायटी व कृषि संकाय, महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय भूमि पोषण विषयक राष्ट्रीय सेमिनार का समापन आज सीएमसी डीपी सभागार कुलपति प्रो भरत मिश्रा की अध्यक्षता में हुआ।

इस अवसर पर प्रो मिश्रा ने कहा कि प्रकृति वंदन के हिमायती हमारे देश मे रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग के कारण ही हमें भूमि पोषण जैसे मुद्दे पर चिंतन करना पड़ रहा है।

प्रो मिश्रा ने प्रकृति के संरक्षण, पारंपरिक कृषि,पशुधन संरक्षण व संबर्धन को अपनाने का आवाहन करते हुए किसी भी स्तर पर प्रदुषण न फैलाने और प्लास्टिक के प्रयोग रोकने की जोरदार तरीके से पैरवी की। उन्होंने मेरा गांव मेरा तीर्थ की भावना को जागते हुए अपने नवीन चिंतन के साथ कहा कि अपने गाँव के लिये आप क्या कर सकते हैं, सोचे, समझे और करें भी।
 विशिष्ट अतिथि और राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच (फैंस) के राष्ट्रीय महासचिव गोलोक बिहारी, दिल्ली ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आजादी के 75 वे वर्ष पर मनाया जा रहा आजादी का अमृत महोत्सव बदलते हुए भारत की तस्वीर प्रदर्शन का सशक्त माध्यम है। पुरुषार्थ और स्वाभिमान से भरे हमारे देश मे प्राचीन कृषि पद्धति को जारी रखते हुए वैज्ञानिकों द्वारा इजाद की गई युगानुकूल तकनीकी और सफल प्रयोगों का उपयोग करना चाहिए।श्री राय ने ऑर्गेनिक फार्मिंग, शून्य बजट खेती को अपनाने की सलाह देते हुए बिहार राज्य के विभिन्न जातीय समाजों में परम्परा से चली आ रही कम्युनिटी फार्मिंग की जानकारी दी

उन्होंने वनस्पति पूरक पद्धति को भूमि सुपोषण का सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि वैज्ञानिकों, शिक्षको, शोध कार्य व अध्ययन में लगे विद्यार्थियों को अपने पास उपलब्ध ज्ञान और विज्ञान को जन जन तक प्रसारित करना चाहिए।विशिष्ट अतिथि एवं नाबार्ड रीवा के डीडीएम सुनील पी ने बताया कि मातृभूमि को कुपोषण से दूर रखने के लिए नाबार्ड पूरी सक्रियता के साथ संलग्न है। भूमि सुपोषण के राष्ट्रीय आयोजन में इसी भाव के साथ शामिल भी हुआ है।उन्होंने परियोजनाओं के माध्यम से सहयोग की बात कही।इस दौरान कलश सोसायटी के समन्वय में घोषित अवार्ड भी प्रदान किये गए। दो दिनों में आयोजित तकनीकी सत्रों की प्रतिवेदन प्रस्तुति निदेशक शोध निदेशालय प्रो रमेश चंद्र त्रिपाठी ने किया। कृषि संकाय के अधिष्ठाता प्रो देव प्रभाकर राय ने आभार प्रकट किया। डॉ वाई के सिंह व डॉ उमेश कुमार शुक्ला ने संयुक्त रूप से संचालन किया। इस अवसर पर 9 विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक प्राध्यापकों सहित 13 संस्थाओं के प्रतिभागियों ने अपनी सहभागिता की। समापन सत्र में विज्ञान एवं पर्यावरण संकाय के अधिष्ठाता प्रो आई पी त्रिपाठी, नाबार्ड के सतना डीडीएम इलीसियस कुजूर, आयोजन सचिव डॉ उमेश शुक्ला सहित अनेक विद्द्वान मंच में मौजूद रहे।

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