Wednesday, July 6, 2022
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यूक्रेन वार के चलते सनफ्लावर ऑयल की सप्लाई रुकी, पाम तेल बना सबसे महंगा वेजिटेबल ऑयल

Black Sea का इलाका दुनिया भर के सनफ्लावर ऑयल उत्पादन में 60 फीसदी की और इसके एक्सपोर्ट में 76 फीसदी की हिस्सेदारी रखता है जब तक रूस का आक्रमण खत्म नहीं हो जाता तब तक यूक्रेन के पोर्ट बंद रहेगे।

भारत में पहली बार पाम तेल 4 बड़े खाद्य तेलों में सबसे महंगा खाद्य तेल हो गया है। गौरतलब है कि यूक्रेन पर रसिया के आक्रमण के साथ ही देश में सनफ्लावर (सूरजमुखी का तेल) की सप्लाई थमी गई है। जिसके चलते खरीदार सनफ्लावर आयल के विकल्प के तौर पर पाम तेल की तरफ रूख कर रहे है जिसके चलते पाम ऑयल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

गौरतलब कि पूर्वी यूरोप का Black Sea का इलाका सनफ्लावर (सूरजमुखी का तेल) के उत्पादन के लिए जाना जाता है लेकिन इस पूरे इलाके में रशियन आक्रमण के चलते अफरा-तफरी फैल गई है जिससे देश में सनफ्लावर ऑयल की सप्लाई घट गई है जिसका फायदा पाम ऑयल को मिल रहा है।

पाम ऑयल की कीमतों में यह बढ़ोतरी पहले से ही महंगाई से जूझ रहे एशियाई और अफ्रीकन देशों के उपभोक्ताओं के जेब पर भारी असर डाल सकती है। जिसके चलते वे अपना खपत घटाने के लिए मजबूर हो सकते है।

अंतराष्ट्रीय बाजार में क्रूड पाम ऑयल (CPO)का भाव 1925 डॉलर प्रति टन पर नजर आ रहा है। दूसरी तरफ क्रूड सोया ऑयल का भाव 1865 डॉलर पर नजर आ रहा है। यह भारत के लिए मार्च मे होने वाले शिपमेंट के भाव है। वहीं क्रूड रेपशीड ऑयल का भाव 1900 डॉलर प्रति टन के आसपास है जबकि ट्रेडर्स यूक्रेन संकट के कारण बोट बंद होने के चलते सनफ्लावर ऑयल का शिपमेंट करने में सक्षम नहीं है।

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