सीएमओ कार्यालय सभागार में ‘वन हेल्थ जीरो डेथ’ थीम पर मनाया गया रेबीज दिवस

सीएमओ कार्यालय सभागार में ‘वन हेल्थ जीरो डेथ’ थीम पर मनाया गया रेबीज दिवस

जानवरों के काटने के 24 घंटे के अंदर रैबीज का टीका लगवाना जरूरी                मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में बुधवार को विश्व रेबीज दिवस मनाया गया। इस दिवस की थीम-’’ वन हेल्थ जीरो डेथ ’’ अर्थात ’’ जब स्वास्थ्य अच्छा होगा तो मौत नहीं होगी ’’ थी।
गोष्ठी की अध्यक्षता कर रही सीएमओ डॉ0 लक्ष्मी सिंह ने कहा कि रेबीज, एक ऐसी जानलेवा बीमारी है जिसमें मौत होने की आशंका सौ प्रतिशत रहती है। कुत्ता, सियार, लोमड़ी, बंदर या अन्य जानवर जिसके अंदर रेबीज होता है, उनके काट लेने से रेबीज होने की आशंका रहती है लेकिन दो वर्ष के भीतर किसी भी मरीज की रेबीज की वजह से मौत नहीं हुई है।
                जिला प्रतिरक्षण अधिकारी (डीआईओ) डॉ नरेन्द्र सिंह ने कहा कि जिन जानवरों के अंदर रेबीज का विषाणु होता है, उनके काटने के 24 घंटे के अंदर एंटी रेबीज का टीका लगवाना अनिवार्य है। आमतौर पर कुत्ते के काटने के शिकार बच्चे या उम्रदराज लोग बनते हैं। जो लोग अपने घरों में कुत्ते पालते हैं, उन्हें अपने कुत्ते को रेबीज का टीका अवश्य लगवा लेना चाहिए। कुत्ते के काटने पर यदि घाव बन गया है और खून निकल रहा है तो कटे हिस्से पर तेज प्रवाह के साथ पानी छोड़ना चाहिए। घाव को साबुन लगाकर 15 मिनट तक बहते पानी से धोना चाहिए। घाव पर किसी तरह का अन्य पदार्थ नहीं लगाएं। अन्धविश्वास से बचें और चिकित्सक से परामर्श लें।
              महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ0 जियाउल हक ने कहा कि रेबीज वायरस से संक्रमित कुत्तों के कान नीचे लट जाते हैं और पूंछ सीधी या नीचे रहती है। ऐसे कुत्तों के मुंह से बहुत ज्यादा लार निकलती रहती है। कुछ ही दिन बाद उनकी मौत हो जाती है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल सहित जनपद के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर एंटी रेबीज का टीका उपलब्ध है। जानवरों के काटने पर मरीज को तत्काल नजदीकी सीएचसी पर जाकर रेबीज का टीका लगवा लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुत्तों को खाने के समय छोड़ना नहीं चाहिए, इस स्थिति में वह काट लेते हैं। मादा, जब बच्चे देने वाली होती है या बच्चा पैदा होने के बाद ज्यादा काटती है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष जनवरी से लेकर अब तक 71,564 लोगों को जानवरों ने काटा है। इसमें से 63,807 लोगों को कुत्ते ने काटा है। 2,429 लोगों को बंदर ने काटा है। 648 लोगों को सियार वह अन्य जानवर ने काटा है। वर्ष 2021 और 2022 में जानवरों के काटने से किसी की मौत नहीं हुई है।
                कार्यक्रम में एसीएमओ डॉ संतोष जायसवाल, डॉ सत्य नारायण हरिश्चंद्र, डाटा आपरेटर मनीष साहू, दीपक सिंह सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।