Monday, January 17, 2022
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लखीमपुर कांड पर सियासी संग्राम, पुलिस की मुस्तैदी से विपक्ष का हर दांव हुआ फेल!

लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा (Lakhimpur Kheri Violence) के बाद यूपी में पुलिस की मुस्तैदी ने विपक्ष के अरमानों पर पानी फेर दिया. तमाम विपक्षी नेताओं को पुलिस ने लखीमपुर जाने से पहले ही हिरासत में ले लिया.

लखनऊ: लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा (Lakhimpur Kheri Violence) में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत के मामले को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है. सोमवार को मौके पर जाने की कोशिश करने वाले सभी प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं के अरमानों पर पानी फेरते हुए पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया या हिरासत में लिया. शाम होते-होते तक समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav), प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव (Shivpal Yadav) आदि नेताओं को पुलिस ने हिरासत से छोड़ दिया.

प्रियंका का वापस न जाने का ऐलान

सोमवार तड़के लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) जाते वक्त सीतापुर में हिरासत में ली गईं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने किसान परिवारों से मुलाकात के बगैर वापस नहीं जाने का ऐलान किया है. कांग्रेस के एक प्रवक्ता ने दावा किया, ‘अभी तक प्रियंका गांधी हिरासत में हैं और इससे देश भर में भारी रोष है. सीतापुर में कार्यकर्ताओं का बड़ा जमावड़ा हो रहा है.’ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सीतापुर में पीएसी छावनी के सामने कैंडल मार्च भी निकाला. लखनऊ के पुलिस कमिश्नर डी. के. ठाकुर ने अखिलेश यादव और शिवपाल सिंह यादव को हिरासत से छोड़े जाने की पुष्टि की है.

अखिलेश का सरकार पर निशाना

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) को लखनऊ से लखीमपुर जाने से रोक दिया गया, जिसके बाद अखिलेश सड़क पर ही धरने पर बैठ गए. बाद में उन्हें और पार्टी के मुख्य महासचिव रामगोपाल यादव को हिरासत में ले लिया गया और उन्हें पुलिस इको गार्डन (धरना स्थल) लेकर गई. सपा अध्यक्ष यादव ने सड़क पर धरना प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाया, ‘किसानों पर इतना अन्याय इतना जुल्म अंग्रेजों ने भी नहीं किया था जितना भाजपा नीत सरकार कर रही है. सरकार विपक्ष के किसी भी नेता को लखीमपुर खीरी क्यों नहीं जाने देना चाहती? सरकार आखिर क्या छुपाना चाहती है? यह सरकार इस बात से घबराती है कि जनता कहीं सच्चाई न जान जाए.’ अखिलेश ने गृह राज्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की.

ये नेता भी नहीं जा पाए लखीमपुर खीरी

इसके अलावा राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी को हापुड़ में और आम आदमी पार्टी के राज्य सभा सदस्य संजय सिंह को सीतापुर में रोक दिया गया. बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र को भी लखीमपुर जाने से रोका गया. मिश्र को पुलिस ने उनके घर में ही रोक दिया था. संजय सिंह ने मांग की कि लखीमपुर खीरी मामले की हाई कोर्ट की निगरानी में एसआईटी से जांच कराई जाए, साथ ही केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त और उनके बेटे को गिरफ्तार किया जाए.

इस बीच, उत्तर प्रदेश सरकार ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को पत्र लिखकर लखीमपुर खीरी जाने के लिए लखनऊ आ रहे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) और पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर रंधावा को चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डे पर उतरने की परमिशन नहीं देने की अपील की. इससे पहले राज्य सरकार ने कहा था, ‘विपक्षी दलों का 2022 के विधान सभा चुनाव (UP Assembly Elections 2022) का सफर लाशों पर नहीं हो सकता. किसी को भी माहौल बिगाड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी.

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