Thursday, July 7, 2022
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एक बार फिर कहर मचा सकता है ओमीक्रोन का नया वेरिएंट, WHO ने बताया कितना खतरनाक साबित होगा Omicron BA.2

कोरोना वायरस के ओमीक्रोन वेरिएंट का सबवेरिएंट Omicron BA.2 न केवल तेजी से फैलता है बल्कि यह गंभीर बीमारी का कारण भी बनता है

कोरोना वायरस (CoronaVirus) के नए केस भले ही कम हो रहे हैं लेकिन फिलहाल इसका खतरा अभी टलता नहीं दिख रहा है। ओमीक्रोन के नए सबवेरिएंट बीए.2 ( BA.2 Omicron) की वजह से अभी भी टेंशन बढ़ी हुई है। बताया जा रहा है कि कई देशों में इसके मामले तेजी से बढ़ने शुरू हो गए हैं। एक स्टडी के मुताबिक, कोरोना वायरस के ओमीक्रोन वेरिएंट का सबवेरिएंट बीए.2 न केवल तेजी से फैलता है बल्कि यह गंभीर बीमारी का कारण भी बनता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, BA.2 वेरिएंट ओमिक्रोन से भी तेजी से फैल सकता है और ये कितना घातक होगा। फिलहाल, इस पर अभी भी जांच चल रही है। BA.2 सब वेरिएंट डेनमार्क, यूके, पाकिस्तान और इंडिया के कुछ हिस्सों में पाया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि वो ओमिक्रोन के BA.2 सबवेरिएंट पर नजरें गड़ाकर बैठा है।

WHO उन देशों की निगरानी कर रहा है जिनमें कोविड -19 तीसरी लहर के दौरान ओमीक्रोन मामलों में तेजी देखी गई थी। डब्ल्यूएचओ उन देशों की इसलिए निगरानी कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ओमीक्रोन के सब-लाइनेज BA.1 और BA.2 के लिए पुन: संक्रमण का खतरा है या नहीं।

स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि अगर BA.2 केसों में वृद्धि हुई तो इसका मतलब होगा कि फिर से संक्रमण होने की संभावना है। डब्ल्यूएचओ उन सभी देशों पर कड़ी निगरानी रख रहा है जहां BA.2 संक्रमणों की संख्या अधिक है। WHO के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि BA.1 की तुलना में BA.2 के साथ पुन: संक्रमण के जोखिम का मूल्यांकन कर रहे हैं।

डब्ल्यूएचओ ने कहा कि BA.2, BA.1 की तुलना में अधिक संक्रामक है, लेकिन सब-वेरिएंट अधिक गंभीर नहीं है। डब्ल्यूएचओ में कोविड-19 टेक्निकल लीड मारिया वान केरखोवा ने कहा कि सभी सब-वेरिएंटों BA.2, BA.1 की तुलना में अधिक संक्रामक है। हालांकि, गंभीरता के मामले में कोई अंतर नहीं है।

टोक्यो यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में एक जापानी टीम ने पाया कि BA.1, BA.2 के समान ओमीक्रोन का सब-वेरिएंट काफी हद तक कोविड-19 वैक्सीन से तैयार इम्यूनिटी से बच जाता है। अध्ययन के लेखकों ने कहा कि प्रयोगों से पता चला है कि वैक्सीन से तैयार इम्यूनिटी BA.2 की तरह BA.1 के खिलाफ काम करने में नाकाम रहती है।

ओमीक्रोन के शुरूआती मामले पहली बार नवंबर 2021 में बोत्सवाना और दक्षिण अफ्रीका से आए थे। इसका BA.1 सब-वेरिएंट तब से दुनिया भर में तेजी से फैल चुका है और डेल्टा जैसे अन्य वेरिएंटों पर हावी हो गया है।

इस साल फरवरी तक, डेनमार्क और ब्रिटेन जैसे कई देशों में ओमीक्रोन के एक अन्य वेरिएंट BA.2 सब-लाइनेज का पता लगाया गया। शोधकर्ताओं ने कहा है कि BA.2 ने BA.1 को पीछे छोड़ना शुरू कर दिया है। इससे पता चलता है कि यह मूल ओमीक्रोन वेरिएंट की तुलना में अधिक संक्रामक है।

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