Thursday, January 27, 2022
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नवरात्रि:प्रथमम शैल पुत्री च॥डोली पर माता का आगमन अशुभ संकेत

हिंदू पंचांग के अनुसार आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो जाती है। हिंदू धर्म में नवरात्रि का बहुत अधिक महत्व होता है। इस साल नवरात्रि का पावन पर्व 8 दिनों का ही है। इस साल तृतीया और चतुर्थी एक ही दिन हैं। 7 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक नवरात्रि की धूम रहेगी। नवरात्रि के दौरान मां के 9 रूपों की पूजा- अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां दुर्गा की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। नवरात्रि के दौरान मां को प्रसन्न करने के लिए भक्त व्रत भी रखते हैं।

नवरात्र कल से, इस बार आठ दिन होगा पूजन, शुभ मुहूर्त में करें कलश स्थापना, डोली पर माता का आगमन अशुभ संकेत

शक्ति की उपासना का पर्व शारदीय नवरात्र गुरुवार से शुरू हो रहा है। इस बार नवरात्र आठ दिन का है। नवरात्र का समापन 15 अक्तूबर को होगा। कोरोना प्रोटोकॉल के तहत बड़ी काली जी मंदिर, काली बाड़ी, मां चंद्रिका देवी, संदोहन देवी, संतोषी माता मां पूर्वी देवी समेत शहर भर के सभी प्रमुख मंदिरों में लगभग तैयारी पूरी हो गई है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए किसी को भी मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

  • ज्योतिषाचार्य रूपाली सक्सेना ने बताया कि
  • इस बार एक तिथि का क्षय हो रहा है। नौ अक्तूबर को तृतीया व चतुर्थी तिथि दोनों एक ही दिन पड़ रही है। नवरात्र में कलश स्थापना, जौ बोने, दुर्गा सप्तशती का पाठ करने, हवन और कन्या पूजन से मां प्रसन्न होती हैं।

    प्रथम नवरात्र में मां शैलपुत्री, द्वितीय नवरात्र में मां ब्रहाचारिणी, तृतीय नवरात्र में मां चन्द्रघण्टा, चतुर्थ नवरात्र में कूष्माण्डा, पंचम नवरात्र में मां स्कन्दमाता, षष्ठ नवरात्र में मां कात्यायनी, सप्तम नवरात्र में मां कालरात्री, अष्टम नवरात्र में मां महागौरी, नवम् नवरात्र में मां सिद्विदात्री के पूजन का विधान है।

  • ज्योतिषाचार्य रूपाली सक्सेना
  • कलश स्थापना मुहूर्त

    • ज्योतिषाचार्य रूपाली सक्सेना ने बताया कि प्रतिपदा तिथि छह अक्तूबर की शाम 4:34 बजे से शुरू होकर सात अक्तूबर को दिन में 1: 46 पर समाप्त हो रही है। कलश स्थापना प्रातःकाल चित्रा नक्षत्र में 6:02 से 6:50 तक और अभिजीत मुहूर्त पूर्वाह्न 11:30 से 12:17 तक है।

    चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग में शुरू हो रहा नवरात्र

    • अश्विन मास की शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि को नवरात्र शुरू हो रहा है। इस दिन सूर्य व चंद्रमा कन्या राशि में रहेंगे। इस बार नवरात्रि चित्रा नक्षत्र व वैघृति योग में शुरू हो रही है जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए शुभ नहीं है।

    डोली पर माता का आगमन अशुभ संकेत

    • शारदीय नवरात्र का आरंभ गुरुवार को हो रहा है। गुरुवार को मां दुर्गा का आगमन डोली पर होता है। ज्योतिषाचार्य पण्डित शक्ति धर त्रिपाठी ने बताया कि डोली पर माता का आगमन शुभकारी नहीं है। इससे प्राकृतिक आपदा, महामारी और राजनैतिक उथल पुथल का संकेत मिलता है। वहीं चैत्र नवरात्र में मां दुर्गा का आगमन घोड़े पर हुआ था। घोड़े पर मां का आगमन भी शुभ संकेत नहीं था।

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