Wednesday, May 18, 2022
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गाजीपुर विस्फोटक मामला: अल कायदा से जुड़े आतंकी संगठन ने ली जिम्मेदारी

टेलीग्राम पर अल कायदा से जुड़े आतंकी संगठन मुजाहिद्दीन गजवात हिंद (MGH) ने गाजीपुर फूल मंडी में IED प्लांट करने की जिम्मेदारी ली है। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के पास MGH के इस क्लेम के संबध में लेटर मौजूद है।

दिल्ली के गाजीपुर फूल मंडी में IED मिलने के मामले में नया अपडेट सामने आया है। टेलीग्राम पर अल कायदा से जुड़े आतंकी संगठन मुजाहिद्दीन गजवात हिंद (MGH) ने गाजीपुर फूल मंडी में IED प्लांट करने की जिम्मेदारी ली है। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के पास MGH के इस क्लेम के संबध में लेटर मौजूद है। जांच में जुटी, NIA की एक टीम ने स्पेशल सेल के अफसरों से केस को लेकर मुलाकात की है। वहीं NSG ने विस्फोटक से जुड़ी अपनी महत्वपूर्ण रिपोर्ट दिल्ली पुलिस को सौंप दी है।

आतंकी संगठन ने अपने लेटर में काफी कुछ लिखा है। MGH ने धमकी देते हुए कहा कि हमारे ही मुजाहिद भाइयों ने 14 जनवरी को धमाके के लिए दिल्ली के गाजीपुर फूल मंडी में IED प्लांट किया था जो किसी टेक्निकल वजहों से वक्त पर नहीं फटा लेकिन अगली बार ऐसा नहीं होगा, हम और तैयारी के साथ धमाका करेंगे, जिसकी गूंज पूरे भारत में सुनाई देगी। वहीं MGH के इस क्लेम में कितनी हकीकत है इसकी जांच एजेंसी करेगी।

जानकारी के मुताबिक, NSG ने विस्फोटक से जुड़ी अपनी महत्वपूर्ण रिपोर्ट दिल्ली पुलिस को सौंप दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि गाजीपुर बम प्लांट मामले में RDX और अमोनियम नाइट्रेट टाइमर और बैटरी का इस्तेमाल किया गया था, और कुल विस्फोटक लगभग 3 किलो था। सूत्रों के मुताबिक, ये RDX भारत का नहीं है यानी भारत के बाहर से दिल्ली तक भेजा गया था। ब्लास्ट अगर होता तो भारी जान-माल का नुकसान होना तय था। 

साथ ही एजेंसियों को ISI के हाथ होने के संकेत मिले हैं। एजेंसियों के मुताबिक, 3 किलो RDX मिलना एक बड़े टेरर एंगल की ओर इशारा कर रहा है। काफी सालों के बाद दिल्ली में इतनी मात्रा में RDX और अमोनिम नाइट्रेट मिले हैं। अगर ये ब्लास्ट हो जाता तो 100 से 150 लोगों को नुकसान पहुंचा सकता था। जिस तरह से पंजाब में पिछले दिनों विस्फोटक मिले थे उसे भी लिंक कर स्पेशल सेल जांच कर रही है। हालांकि, सीसीटीव फुटेज से कुछ भी सुराग हाथ नहीं लगा है। इसके पीछे जांच एजेंसी का मानना है कि अच्छे तरीके से रेकी की गई होगी। विस्फोटक प्लांट करने में स्लीपर सेल की भी भूमिका हो सकती है।

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