Thursday, January 27, 2022
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पीएम की सौगातों से शिक्षा विभाग की मिलेगी नई ऊर्जा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों स्मार्ट स्कूलों और हॉस्टलों की सौगात मिलने से शिक्षा विभाग में हर्ष है। गुरुवार को पूरे दिन शिक्षा विभाग के अधिकारी और शिक्षक ट्वीटर और अन्य सोशल मीडिया पर पीएम के प्रति आभार जताते रहे और एक-दूसरे को बधाइयां देते रहे।

पीएम द्वारा लोकार्पित और शुरू की गई योजनाओं में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग को कई सौगातें मिलीं हैं। इनमें मछोदरी में शहर के पहले स्मार्ट स्कूल के लोकार्पण के साथ ही राजघाट में दूसरे स्मार्ट स्कूल भवन का शिलान्यास भी है। मछोदरी स्मार्ट स्कूल को 12वीं तक चलाने की योजना बनाई जा रही है। दूसरी तरफ, पीएम द्वारा लोकार्पित तीन बालिका हॉस्टलों में दो बेसिक शिक्षा तो एक माध्यमिक शिक्षा विभाग को मिलना है। दो मंजिला हॉस्टल भवनों में 100 बालिकाओं के रहने की जगह है। इसमें उनके लिए डॉरमेट्री, कॉमन हाउस, मेस आदि का इंतजाम है। सभी नए भवनों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग समेत फायर फाइटिंग के भी आधुनिक इंतजाम हैं। बीएसए राकेश सिंह ने कहा कि पीएम की यह सौगातें शिक्षा विभाग में नई ऊर्जा का संचार करेंगी। जल्द ही शिक्षा का बदलता स्वरूप सबके सामने होगा।

पीएम की डॉकटरों को सलाह, अनुभवों का तैयार करें दस्तावेज

डॉक्टर और प्रशासनिक अधिकारी कोरोना काल में अपने अनुभव का दस्तावेज तैयार करें। इससे आगे अगर इस तरह की महामारी आती है तो उसके रोकथाम में काफी मदद मिलेगी।

यह बातें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को एमसीएच विंग में डॉक्टरों से संवाद के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि 1918 में आई महामारी के समय का कोई दस्तावेज नहीं है। इस कारण कोरोना के प्रबंधन में परेशानी हुई है। उन्होंने कहा कि जब गुजरात में भूकंप आया था तब मैं कच्छ गया। वहां पर लोगों से बात की और उनका दस्तावेज तैयार किया। डीएम कौशल राज शर्मा और डॉक्टरों ने अपने संबोधन में कोरोना के खिलाफ लड़ाई में प्रधानमंत्री को नेतृत्वकर्ता बताया। इस पर प्रधानमंत्री ने बहुत ही शालीनता से कहा कि कि आप लोग मेरे नेतृत्व में नहीं, बल्कि मैं आपको लोगों के नेतृत्व में काम कर रहा था। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने कोरोना काल में जितनी मेहनत की है, उनके लिए सिर्फ दो शब्द थैंक्यू। इस दौरान प्रधानमंत्री ने चार डॉक्टरों से कोरोना के तीसरी लहर की तैयारियों पर चर्चा की। सीएमओ डॉ. वीबी सिंह से तीसरी लहर के दौरान ग्रामीण क्षेत्र की तैयारियों के बारे में जाना। उन्होंने पूछा कि वैक्सीन के प्रति भ्रम अभी लोगों में कितना है। इसमें कितनी कमी आई है।

डीएम ने दिया प्रजेंटेश

एमसीएच विंग में एक डॉक्टरों से संवाद के लिए एक छोटा स्टेज बनाया गया था। स्टेज पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यापाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बैठे थे। 18 कोरोना वॉरियर्स से पीएम ने संवाद किया। सबसे पहले डीएम कौशल राज शर्मा ने पहली और दूसरी लहर की चुनौतियां और उससे पार पाने के तरीकों की जानकारी दी। आईएमएस बीएचयू के डायरेक्टर प्रो. बीआर मित्तल और आईएमए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. अशोक राय ने तीसरी लहर की तैयारियों के बारे में बताया। ट्रॉमा सेंटर के इंचार्ज प्रो. सौरभ सिंह ने बताया कि वैक्सीन के बारे में लोगों को काफी जागरूक किया गया है।

जरूरत के मुताबिक होगा काम

आईएमएस बीएचयू के डायरेक्टर प्रो. बीआर मित्तल ने कहा कि बीएचयू में सुपर स्पेशियालिटी बिल्डिंग को कोविड के लिए रिजर्व किया गया है। तीसरी मंजिल पर 100 बेड का पीडियाट्रिक वार्ड तैयार किया गया है। इसमें पीकू और नीकू वार्ड है। जरूरत के मुताबिक इसमें विस्तार होगा। तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों की ट्रेनिंग हो रही है। इसमें बनारस सहित आस-पास के जिले के स्वास्थ्यकर्मी भी हैं। वायरस के रूप को जानने के लिए एमआरयू लैब में जीनोम सिक्वेसिंग हो रही है।

ग्रामीण क्षेत्र में तैयारी पूरी

सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि आठ ब्लॉक में नौ सीएचसी हैं। सभी जगह ऑक्सीजन प्लांट, पीडियाट्रिक वार्ड, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की व्यवस्था है। ऑक्सीजन प्लांट पर ऑपरेटर रखे गए हैं। ग्रामीण क्षेत्र के डॉक्टरों को ट्रेनिंग दी गई है। आशा और एएनएम को भी प्रशिक्षित किया गया। अस्पताल में बच्चों की सैंपलिंग हो रही है। आशा कार्यकत्री घर-घर जाकर बीमार बच्चों को चिह्नित कर रही हैं। उन्हें अस्पताल लाकर इलाज किया जा रहा है। ज्यादा से ज्यादा अभिभावकों को टीका लगाया जा रहा है।

भारत में कोरोना से मृत्यु दर कम

डॉ. अशोक राय

आईएमए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. अशोक राय ने कहा कि कोराना से मृत्यु दर भारत में बहुत कम है। दूसरी ओर अभी तक की जांच से यह पता चला है कि बच्चे काफी कम संख्या में संक्रमित हुए हैं। हालांकि तीसरी लहर के मद्देनजर बच्चों के लिए अस्पतालों में खास तैयारी की गई है। बनारस सहित आसपास के 14 जिलों बालरोग विशेषज्ञों की ऑनलाइन ट्रेनिंग हुई है। बच्चों के लिए वैक्सीन करीब दो महीने में आ जाएगी। तब अभियान चलाकर उनका टीकाकरण होगा तो तीसरी लहर का खतरा नहीं रहेगा।

वैक्सीन की गति हुई तेज

ट्रॉमा सेंटर के इंचार्ज प्रो. सौरभ सिंह ने कहा कि अमेरिका के कुछ प्रांतों में मात्र 56 फीसदी लोगों को वैक्सीन लग पाई है। भारत में शुरुआत में लोगों में भ्रम था, लेकिन अब लोग जागरूक हुए हैं। वे खुद आकर वैक्सीन लगवा रहे हैं। टीककारण केंद्र पर भीड़ इतनी ज्यादा हो जाती है कि नियंत्रण करने के लिए पुलिस की मदद लेनी पड़ रही है।

पीएम के संवाद में हुए शामिल

प्रधानमंत्री के साथ संवाद में बीएचयू के कार्यवाहक कुलपति प्रो. वीके शुक्ल, कमिश्नर दीपक अग्रवाल, डीएम कौशल राज शर्मा, सीडीओ मधुसुदन हुगली, सीएमओ डॉ. वीबी सिंह, आईएमएस बीएचयू के डायरेक्टर प्रो. बीआर मित्तल, सरसुंदरलाल अस्पताल के एमएस प्रो. केके गुप्ता, ट्रॉमा सेंटर इंचार्ज प्रो. सौरभ सिंह, एमसीएच विंग की नोडल प्रो. मधु जैन, एमआरयू लैब इंचार्ज प्रो. रोयाना सिंह, एकेडमिक ऑफ पीडियाट्रिक एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. केके ओझा, एकेडमिक ऑफ पीडियाट्रिक एसोसिएशन के सचिव डॉ. संजय पटेल, राजकीय आयुर्वेद कॉलेज की प्रिंसिपल प्रो. नीलम गुप्ता, होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र के डायरेक्टर डॉ. सत्यजीत प्रधान, मंडलीय अस्पताल के एसआईसी डॉ. प्रसन्न कुमार, पंडित दीनदयाल उपाध्याय हॉस्पिटल के सीएमएस डॉ. आरके सिंह, आईएमए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. अशोक राय, मंडलीय अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सत्यप्रकाश सिंह मौजूद रहें।

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