Monday, January 17, 2022
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चीन ने किया मुसलमानों-बौद्धों का नरसंहार,गिलगिट-बलिस्तान के स्वतंत्र होने का समय निकट : इंद्रेश कुमार

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच शुरू किया ‘पाकिस्तान चेतावनी अभियान’
गिलगिट-बलिस्तान के स्वतंत्र होने का समय निकट : इंद्रेश कुमार

इंद्रेश कुमार


राष्ट्रीय संरक्षक इंद्रेश कुमार ने डॉ. आंबेडकर परिनिर्वाण दिवस पर आरंभ किया ‘मजबूत भारत अभियान’ की अगला चरण
मंच के कार्यकर्ता राष्ट्रीय युवा दिवस (विवेकानंद जयंती) तक देश भर में चलाएंगे जागरूकता अभियान
लखनऊ(अतुल मोहन सिंह)। भारतीय मुस्लमानों का सार्वधिक वृहत राष्ट्रवादी समाज सुधार आंदोलन मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने डाॅ. आंबेडकर परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर सम्पूर्ण भारतवर्ष में पाकिस्तान को चेतावनी अभियान प्रारंभ किया। एक माह तक चलने वाले इस अभियान में मंच के कार्यकर्ता धरना, प्रदर्शन, विरोध मार्च और ज्ञापन सौंपने का कार्य करेंगे। अभियान के तहत मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के कार्यकर्ता वर्ष 1947 में पाकिस्तान के कब्जे वाले पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कशमीर, गिलगित, बाल्टीस्तान, इत्यादि को पाकिस्तान द्वारा खाली किये जाने की मांग के साथ उक्त अभियान को चलायेंगे। मंच के कार्यकर्ता जम्मू-कशमीर के पूर्व मुख्मंत्रियों फारुख अब्दुल्लाह, उमर अब्दुल्लाह और महबूबा मुफती को उनके देशविरोधी ब्यानों के लिये कड़ी चेतावनी भी जारी करेंगे। साथ ही उन्हें उनके देश विरोधी ब्यानों के कारण भारत छोड़कर अपने पसंद के देश में बसने को भी कहेंगे। उक्त निर्णय की घोषणा 2 दिसम्बर 2020 को मंच के राष्ट्रीय मार्गदर्शक और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय अधिकारी इंद्रेश कुमार द्वारा की गई थी। यह चेतावनी अभियान 6 दिसंबर से 12 जनवरी तक चलेगा।

मंच के संरक्षक तथा राष्ट्रीय मार्गदर्शक इंद्रेश कुमार ने बताया कि ‘मजबूत भारत अभियान’ की शुरूआत 9 जून को की गई थी, जिसे 2 अक्टूबर तक चलाया गया। यह कार्यक्रम उसी अभियान की अगली कड़ी के रूप में है। उन्होंने बताया कि ‘मजबूत मजबूत भारत अभियान’ के दौरान मंच के कार्यकर्ताओं ने देश भर के 20 लाख मुस्लमानों से सम्पर्क किया। भारत को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिये 8 लाख से अधिक संकल्प पत्र पर हस्ताक्षर करवाकर एकत्रित किये। मंच के वेबिनार में सभी राष्ट्रीय संयोजक, सह संयोजक, विभिन्न प्रकोष्ठों के राष्ट्रीय संयोजक, कशमीर से लेकर कन्याकुमारी तक, लक्षद्वीप, गोआ, गुजरात से लेकर असम और मनीपुर तक के 500 से अधिक कार्यकर्ता सम्मिलित हुए। इन्द्रेश कुमार ने कहा कि कोविड-19 महामारी में मंच के कार्यकर्ताओं ने समाज तथा संगठन से जुड़े रहने के लिये जिस तकनिक का उपयोग किया है वह प्रशंसा के काबिल है। इन्द्रेश कुमार ने कहा कि दीवाली और ईद के त्योहारों के दौरान जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने और जिस प्रकार मंच के कार्यकर्ताओं ने चीनी उत्पादों के बहिष्कार का कार्य किया इसके लिये वो बधाई के पात्र हैं। समाज में सामंजस्य स्थापित करने के लिये और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक कदम बढ़ाते हुए भारत के हिन्दू भाइयों को मिट्टी के बने हुए दिये भी मंच के कार्यकर्ताओं ने भेंट किये हैं।

चीन ने किया मुसलमानों-बौद्धों का नरसंहार : श्री इंद्रेश कुमार ने बताया कि कोविड-19 महामारी के लिये चीन जिम्मेदार है। चीन ने अपने विस्तारवादी निति को आगे बढ़ाने के लिये 12 लाख से अधिक बौद्ध तिब्बतियों का नरसंहार किया। चीन अब शिजयांग प्रांत में उईगर मुस्लमानों के साथ तबाही मचा रहा है, जो पूरी दुनिया में उसके मानवता विरोधी चेहरे को दिखा रहा है। चीन के सामानों का बहिष्कार करना ही चीन को हराने का एकमात्र तरीका है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के समय चीनी सामानों के बहिष्कार के लिये मैं मंच के कार्यकर्ताओं को बधाई देता हूं। ‘मजबूत भारत अभियान’ पर टिप्पणी करते हुए इन्द्रेश कुमार ने कहा कि ‘राष्ट्रीय सद्भावना मंच’, ‘विशाल भारत संस्थान’ जैसे संगठन भी इस अभियान से जुड़े हैं। साथ ही हम लोगों ने 8 लाख से अधिक हस्ताक्षर एकत्रित किये हैं, जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत बनाने को समर्पित हैं।

पाकिस्तान गए हिंदुओं के साथ अमानवीय बर्ताव : जम्मू-कश्मीर की अपनी हालिया यात्रा का उल्लेख करते हुए इंद्रेश कुमार जी ने बताया कि पाकिस्तान 1948 से कश्मीर में समस्याओं को पैदा करने का प्रयास कर रहा है। जो भारतीय मुस्लमान 1947 में विभाजन के पश्चात पाकिस्तान चले गये, उनकी स्थिति वहां दयनीय है। वह देश रहित व्यक्तियों की तरह रह रहे हैं। पाकिस्तान ने आज तक उन 1.40 करोड़ लोगों को नागरिकता नहीं दी है। मोहाजिर के रूप में रहते हुए अब वह अपने अलग देश की मांग कर रहे हैं। चीन जैसे दुशमन देश की ओर कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्रियों का देखना दुर्भाग्यपूर्ण है।

कश्मीर आज़ाद कराने की बात दिवा स्वप्न : जम्मू-कश्मीर की यात्रा के दौरान उन्होंने गुज्जर-बकरवाल की एक बैठक ली थी। जहां यह प्रस्ताव पारित हुआ कि महबूबा मुफ़्ती जिसने भारत के तिरंगे को उठाने से इन्कार किया था वह भारत छोड़कर अपने पसंद की देश में चली जाए। एक अन्य प्रस्ताव पारित करके फारुख अब्दुल्लाह को यह कहा गया कि वो अपने जीवन के अंतिम दिन चीन जाकर व्यतीत करें, क्योंकि चीन के सहयोग से कश्मीर को आजाद कराने का सपना उनके जीवनकाल में कभी पूरा नहीं होगा।

गिलगिट-बल्टिस्तान के आजाद होने का समय : मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मार्गदर्शक इंद्रेश कुमार ने कहा कि पीओजेके और गिलकिट बलटिस्तान जैसे भारतीय क्षेत्रों को खाली कराने के लिये पाकिस्तान को स्पष्ट रूप से बताने का समय आ गया है, जिस पर उसने 1947 के बाद से अवैध रूप से कब्जा किया हुआ है। इसी संदर्भ में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच 6 दिसम्बर से 12 जनवरी तक धरना, प्रदर्शन, विरोध मार्च, एवं प्रेस काॅन्फ्रेंस आयोजित करके पाकिस्तान को स्पष्ट एवं कड़ा संदेश देने का कार्य करेगा।

राममंदिर निर्माण के लिए धनसंग्रह करेंगे मुस्लिम : रामजन्मभूमि आंदोलन के समर्थन में मंच की भूमिका बताते हुए इन्द्रेश कुमार ने कहा कि 2016 में मंच ने इस मुद्दे पर बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाया था। दिसम्बर में मंच के कार्यकर्ताओं का अयोध्या में इकट्ठा होने की योजना बनाई थी, लेकिन कोविड प्राॅटोकाॅल के कारण वर्तमान में उस कार्यक्रम को स्थगित किया गया है। जल्द ही उसकी नई तारीख की घोषणा की जाएगी। मंच के कार्यकर्ताओं से अपील है कि विश्व हिंदू परिषद के साथ मिलकर राममंदिर के लिये धनसंग्रह अभियान में भाग लेने और राम को इमाम-ए-हिन्द मानने वाले मुस्लिम समुदाय से योगदान एकत्रित करें। विश्व हिंदू परिषद 15 जनवरी से 27 फरवरी तक धन संग्रहण का कार्य करेगी।

सभी पंथ राममंदिर निर्माण में बने सहयोगी : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय अधिकारी इंद्रेश कुमार ने बताया कि संघ के सरसंचालक डाॅ. मोहन भागवत ने अपने हाल के बयान में कहा कि विभिन्न धर्माें एव सामप्रदायों का प्रतिनिधित्व करने वाले सभी भारतीय अपने धर्म, जाति और पंथ के बावजूद एक व्यक्ति हैं। इसे ध्यान में रखते हुए हमें धन एकत्रित में भाग लेना चाहिए और नये भारत की सकारात्मक तस्वीर बनाने में सहयोग करना चाहिए। हमें अच्छे भारत के सच्चे भारतीय बनने का प्रयास करना चाहिए। इसलिए सभी देश के सभी पंथों, धर्मों और विश्वास के मानने वालों को अयोध्या के राममंदिर निर्माण में अपना हरसंभव सहयोग करना चाहिए। इससे राममंदिर राष्ट्रमन्दिर के तौर पर प्रतिष्ठित होगा।

मंच के कार्यकर्ताओं का समर्पण सराहनीय : भाजपा के पूर्व संगठन महासचिव और वर्तमान में संघ के अखिल भारतीय सह सम्पर्क प्रमुख रामलाल ने कहा कि मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के कार्यकर्ताओं ने जिस प्रकार भारतीय मुसलमानों को सही संदेश देने के लिये उत्साह, प्रतिबद्धता और समर्पण दिखाया है वह सराहनीय है। मंच के कार्यकर्ताओं ने नकारात्मक को सकारात्मक में बदले के लिये कठिन चुनौतियों का सामना किया। आलोचनाओं की परवाह किये बगैर अपने कार्य को जारी रखा ही। उन्होंने कहा कि मैं मंच के कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि दृृढ़विश्वास साहस, निरंतरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। हम एक अनुकूल स्थिति की ओर बढ़ रहे हैं और अपने मिशन में सफल होंगे। उन्होंने कहा कि इस्लाम के सभी समप्रदायों के नेताओं, विद्वानों के साथ सम्पर्क कर इस मिशन को समर्थन दिये जाने की अपील करें।

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