Saturday , September 19 2020 [ 9:30 PM ]
Breaking News
Home / अन्य / भारत और चीन के वरिष्ठ सैन्य कमांडरों की बातचीत खत्म,सेना प्रमुख ने उच्च सतर्कता बरतने के दिए निर्देश
भारत और चीन के वरिष्ठ सैन्य कमांडरों की बातचीत खत्म,सेना प्रमुख ने उच्च सतर्कता बरतने के दिए  निर्देश Capture 4 557x330

भारत और चीन के वरिष्ठ सैन्य कमांडरों की बातचीत खत्म,सेना प्रमुख ने उच्च सतर्कता बरतने के दिए निर्देश

नई दिल्‍ली, एजेंसियां/जेएनएन। पूर्वी लद्दाख में दौलत बेग ओल्डी और डेपसांग समेत एलएसी पर गतिरोध वाले इलाकों से सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए भारत और चीन के वरिष्ठ सैन्य कमांडरों की बातचीत शनिवार शाम साढ़े सात बजे खत्‍म हो गई।

भारत और चीन के वरिष्ठ सैन्य कमांडरों की बातचीत खत्म,सेना प्रमुख ने उच्च सतर्कता बरतने के दिए  निर्देश Capture 4
पूर्वी लद्दाख में गतिरोध वाले इलाकों से सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए भारत और चीन के वरिष्ठ सैन्य कमांडरों की बातचीत खत्‍म हो गई है।

मेजर जनरल स्तर की यह बातचीत एलएसी के चीनी क्षेत्र की ओर दौलत बेग ओल्डी (डीबीओ) इलाके में सीमा सैनिकों के बैठक स्थल पर हुई। इस बातचीत को लेकर सेना की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान तो नहीं आया है लेकिन माना जा रहा है कि भारत तब तक तैनाती नहीं घटाएगा जब तक कि चीनी सैनिक इलाके को पूरी तरह खाली नहीं कर देते।

देपसांग में घुसपैठ को लेकर मामला फंसा

पूर्व की तरह यह बैठक भी घंटों चली लेकिन देर शाम तक रिश्तों में आए तनाव को खत्म करने को लेकर सहमति बनती नहीं दिख रही है। अभी तक जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक देपसांग और पैंगोग त्सो के पास वास्तविक नियंत्रण रेखा को लेकर बना मतभेद बरकरार है। सूत्रों की मानें तो देपसांग इलाके को लेकर सबसे ज्यादा मामला फंसा हुआ है। शनिवार को भी दोनों पक्षों की बैठक में देपसांग के पास हालात सामान्य करने को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा हुई। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच यह सैन्य तनाव काफी लंबा खींच सकता है। सेटेलाइट से मिली इमेज से पता लगता है कि चीन की तरफ से भी सैन्य तैयारी पूरी है।

सेना ने सतर्कता बढ़ाई 

सूत्रों का कहना है कि चीन के अड़‍ियल रवैये को देखते हुए सेना ने अपनी सतर्कता और बढ़ा दी है। यही नहीं सेना और वायुसेना चीन के साथ जारी मौजूदा विवाद सुलझने तक लद्दाख एवं उत्तरी सिक्किम, उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश में एलएसी पर उच्च सतर्कता (high level of operational readiness) को बनाए रखेगी। दूसरी ओर भारतीय नौसेना ने भी हिंद महासागर क्षेत्र में अपने युद्धपोतों की संख्या बढ़ा दी है। सूत्र बताते हैं कि नौसेना ने इस क्षेत्र में सामान्य तौर पर तैनात रहने वाले युद्धपोतों से करीब 25 फीसद अतिरिक्त युद्धपोत बढ़ाए हैं। नौसेना चीन की हर गतिविधि‍ पर बारीक नजर रख रही है। 

सैनिक जमावड़ा बढ़ाया

दरअसल, चीन इन दिनों दुनिया के सामने तनाव घटाने की बात कह रहा है लेकिन दूसरी ओर एलएसी पर उसने सैनिक जमावड़ा भी बढ़ा दिया है। बीते दिनों भी दोनों देशों की सेनाओं ने सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया तेज करने के लिए कोर कमांडर (लेफ्टिनेंट जनरल) स्तर की पांचवें दौर की बातचीत की थी। सूत्रों का कहना है कि चीन ने गलवान घाटी और कुछ अन्य गतिरोध स्थलों से तो अपने सैनिकों को वापस बुला लिया है लेकिन पैंगोंग सो, गोगरा और डेपसांग में फिंगर क्षेत्रों में वापसी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी है। भारतीय सेना भी चीन की इस दूषित मानसिकता को भांप चुकी है और उसने भी सीमा पर अपनी रक्षा तैयारियों को मजबूत करने का काम किया है।

सेना प्रमुख ने उच्‍च सतर्कता बरतने के दिए न‍िर्देश  

भारत सैन्य वार्ता में जल्द से जल्द चीनी सैनिकों के पूरी तरह पीछे हटने की प्रक्रिया पर जोर दे रहा है। भारत चाहता है कि चीन पूर्वी लद्दाख के सभी क्षेत्रों में पांच मई से पहले की यथास्थिति तत्काल बहाल करे। भारत इस बात पर जोर दे रहा है कि चीन फिंगर चार और आठ के बीच के क्षेत्रों से भी अपने सैनिकों को वापस बुलाए। बता दें कि सैनिकों के पीछे हटने की औपचारिक प्रक्रिया छह जुलाई को शुरू हुई थी। चीन ने उक्‍त सभी इलाकों से पीछे हटने का वादा किया था लेकिन बाद में उसने पलटी मारी। चीन की इस मंशा को भांपते हुए सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवाने ने एलएसी पर अग्रिम क्षेत्रों की निगरानी कर रहे सभी कमांडरों को बता दिया है कि सतर्कता उच्‍च स्‍तर पर बरती जाए। 

आक्रामक रुख बरकरार रखा जाए

सेना प्रमुख ने सभी कमांडरों से साफ कह दिया है कि चीन के किसी भी दुस्साहस से निपटने के लिए आक्रामक रुख बरकरार रखा जाए। भारतीय सेना ने भी पूर्वी लद्दाख में और एलएसी पर अन्य सभी संवेदनशील क्षेत्रों में सर्दी के मौसम में एलएसी पर सैनिकों और हथियारों की मौजूदा संख्या बरकरार रखने के लिए विस्तृत योजना तैयार की है। चीन की हरकतों को देख सेना हथियार, गोला-बारूद और विंटर गियर खरीदने की प्रक्रिया से भी गुजर रही है। यही नहीं वायुसेना के वरिष्‍ठ अधिकारियों को भी हर समय उच्च स्तर की सतर्कता बरतने के निर्देश जारी हुए हैं। 

About Arun Kumar Singh

Check Also

POK में पाकिस्तान की नई चाल, गिलगित-बाल्टिस्तान को पूर्ण राज्य का दर्जा देकर चुनाव कराने की तैयारी Capture 44 310x165

POK में पाकिस्तान की नई चाल, गिलगित-बाल्टिस्तान को पूर्ण राज्य का दर्जा देकर चुनाव कराने की तैयारी

इस्लामाबाद: इमरान खान सरकार अवैध रूप से कब्जा किए गए गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र को देश का …

Leave a Reply

Copyright © 2017, All Right Reversed.